
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से और तेज़ी से दिलाने के उद्देश्य से 1 से 10 अक्टूबर तक पूरे राज्य में ‘सेवा सेतु’ अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ रजिस्ट्रेशन, आवेदन और अन्य जरूरी औपचारिकताओं में भी मदद की जाएगी।
‘सेवा सेतु’ अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे ‘सेवा संकल्प’ अभियान का हिस्सा है। राज्य सरकार ने इस पहल को नागरिकों और सरकारी योजनाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार किया है, ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र को इस अभियान का राज्य समन्वयक बनाया गया है। अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सरकार की योजना है कि हर विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ कैंप लगाए जाएं। इन शिविरों में अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और नागरिकों को योजनाओं तथा सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है जो किसी सरकारी योजना या सेवा के हकदार हैं, लेकिन किसी कारण से अभी तक उसका लाभ नहीं ले पाए हैं। शिविरों में उनकी पात्रता की जानकारी देखकर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कैंप में पहुंचने वाले नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के बारे में जानकारी ले सकेंगे। उन्हें यह बताया जाएगा कि किस योजना के लिए कौन पात्र है, आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है और प्रक्रिया किस प्रकार पूरी करनी है।
‘सेवा सेतु’ की खास बात यह होगी कि लोगों को अलग-अलग विभागों के दफ्तरों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर कई सेवाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
कैंप में मौजूद अधिकारी पात्र लोगों का लाभार्थी के रूप में पंजीकरण करने में भी मदद करेंगे। यदि किसी योजना के लिए अलग आवेदन जरूरी है तो नागरिकों को आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सहायता दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रक्रिया की जानकारी न होने या दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की वजह से कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रह जाए।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिक इस अभियान का लाभ उठा सकेंगे। ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाने से गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
कई बार नागरिकों को अलग-अलग योजनाओं की जानकारी नहीं होती। पात्रता होने के बावजूद आवेदन न करने या दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिल पाता। ‘सेवा सेतु’ अभियान में इसी अंतर को कम करने पर जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल जानकारी देना ही नहीं होगी, बल्कि जहां संभव होगा वहां नागरिकों की आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी सहयोग करना होगा।
यदि किसी लाभार्थी के दस्तावेज अधूरे होंगे तो उसे आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वह प्रक्रिया पूरी कर सके। इससे आवेदन लंबित रहने की स्थिति को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार चाहती है कि योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान स्थानीय स्तर पर ही हो। इसके लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका दी जाएगी।
अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किसी व्यक्ति को पहले से किसी योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं। इससे एक ही व्यक्ति का अनावश्यक दोहरा पंजीकरण रोकने और वास्तविक पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
‘सेवा सेतु’ शिविरों में सामाजिक सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, नागरिक सेवाओं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
राज्य सरकार का जोर प्रक्रिया को सरल बनाने पर है। नागरिकों को यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन किस तरह करना है और संबंधित सेवा के लिए अगला कदम क्या होगा।
अभियान के जरिए सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। लोग अपनी समस्याएं और आवेदन से जुड़ी दिक्कतें अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं की जानकारी भी इन शिविरों से मिलेगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सी योजनाओं में आवेदन प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कतें सामने आ रही हैं।
सरकार अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को लोगों को शिविरों की तारीख, स्थान और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
‘सेवा सेतु’ अभियान में विशेष ध्यान उन लोगों पर रहेगा जो जानकारी के अभाव, दस्तावेजी जटिलता या सरकारी दफ्तरों तक पहुंच की परेशानी के कारण योजनाओं से वंचित रह गए हैं।
कैंप की व्यवस्था इस तरह करने की योजना है कि लोगों को अलग-अलग काउंटरों पर संबंधित विभाग की जानकारी और सहायता मिल सके।
इस पहल से सरकारी सेवाओं के लिए लगने वाले समय को कम करने और आवेदन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है। साथ ही नागरिकों को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों में जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत सरकार पहले से ही सेवा आधारित गतिविधियां चला रही है। अब 1 से 10 अक्टूबर के बीच ‘सेवा सेतु’ को विशेष अभियान के रूप में आयोजित किया जाएगा।
राज्य समन्वयक के रूप में मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र अभियान की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी शिविरों की तैयारी, नागरिकों की सहायता और आवेदनों के निपटारे से संबंधित जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने पात्र लोगों की पहचान होती है और कितने नागरिकों के आवेदन मौके पर ही या तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाए जाते हैं।
सरकार का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों को वास्तविक लाभ तक पहुंचाना है। इसी वजह से कैंप में प्रक्रिया को पूरा कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
1 से 10 अक्टूबर तक चलने वाला ‘सेवा सेतु’ अभियान पूरे ओडिशा में एक साथ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हर विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल राज्य सरकार ने अधिकारियों को अभियान की तैयारी तेज करने और स्थानीय स्तर पर नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सरकार को उम्मीद है कि ‘सेवा सेतु’ से योजनाओं और पात्र लाभार्थियों के बीच की दूरी कम होगी और लोगों को एक ही जगह पर कई जरूरी सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।





